boycott chinese products | क्या यह संभव हैं?


Boycott Chinese products, Boycott Chinese products in India
Boycott Chinese products

चीन और भारत  देश के बिच हमेसा तानाव बनी रहती है, चाइना भारत देश का बहोत बड़ा व्यापार भागीदारी है आज इन दिनों दोनों देशो में व्यापार युद्ध(trade war) की जंग छिड़ गयी है लगभग हम सभी ने कभी ना कभी chinese  सामानो का उपयोग जरूर किया होगा,हमारे चारो ओर कही न कही chinese सामान देखने को मिल जाता है,जैसे लगभग सभी के हाथो में chinese  कंपनी के smartphone,eletronic gadget इत्यादि होते है जहाँ सभी देश इस कोरोना महामारी से लड़ रहा है वही चाइना अपनी व्यापर,अर्थववस्था को बढ़ाने की कोशिस में लगा हुआ है, इसी बिच हम भारतीयों ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म में boycott chinese products का नारा लगाया हुआ है आज के इस दौर में चीन के सामानो का बहिष्कार करने से भारत देश पे होने वाले असर,


भारत चाइना की व्यापार मात्रा:

आज भारत चाइना पे बहूत सी चीजों के लिए निर्भर  है पिछले साल  सन 2018-19  में  भारत चाइना के बिच $86 बिलियन (billion) का व्यापार हुआ था,जिसमें भारत ने चीन से $70 बिलियन की  goods & services आयात  करी  थी और भारत ने चाइना को सन 2018-19 में मात्र $16  बिलियन की goods  निर्यात की थी, भारत का व्यापारिक घाटा(trade deficit) चीन के साथ $54  billion का था,जिसके कारण आज भारत चाइना पे ज्याद निर्भर है।


चाइना से भारत आयात होने वाले सामान की सूची:

  • सोलर सेल, वैधुत उपकरण, मोबाइल फ़ोन्स, कार, प्लास्टिक की वस्तुए अतिरिक्त,
  • महत्वपूर्ण औषधीय दवाएं जैसे tuberculosis and leprosy medication, antibiotics, और बहुत कुछ,


स्मार्टफोन मार्केट:

चाइना ने सन॒ 2018-19 में 60 % electronic सामानो का भारत में निर्यात किया था,  chinese स्मार्टफोन कंपनी ने ही भारत में $8 billion का निवेश किया हुआ है, इसका मतलब ये है की chinese स्मार्टफोन्स का भारत में 51% मार्केट  शेयर है, बाकि के 49% मार्केट शेयर  में samsung, apple और हमारे भारत के स्मार्टफोन ( lava,micromax,etc) आते है हम जितने भी प्रोडक्ट्स इस्तेमाल किया करते है उनमे थोड़ा बहोत chinese जरूर देखने को मिल जाता है  अभी तक जितने भी स्मार्टफोन कंपनी है, उनके प्लांट्स चाइना में होते है, क्योकि वहा प्रोडक्टिव वर्कर देखने को मिल जाते है, यहाँ तक की apple  जैसी बड़ी कंपनी का भी चाइना में प्लांट देखने को मिल  जायेगा जहा स्मार्टफोन्स assemble किये जाते है हलाकि apple  (california based) कंपनी है।


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चाइना के सामान भारत में इतने लोकप्रिय क्यों हैं:

chinese सामान भारत में इतने लोकप्रिय होने का मुख्य कारण यह है की हमारे भारत के मुकाबले चाइना का सामान काफी सस्ता देखने को मिल जाता है chinese सामान सस्ते होने का  मुख्य कारण:-

1. chinese सामान के सस्ते होने का कारण वहा के सस्ते worker नहीं बल्कि workers की productivity और skilled labour है,

2. चाइना के निर्माण छेत्र को सरकार की और से subsidy मिलती है जो सामानो के उत्पादन की लागत को कम करता है.

3. चाइना में हर प्रकार का raw material मिल जाता है इस कारन चाइना सस्ते दामों में ही सामान manufacture कर लेता है, जबकि भारत देश में स्मार्टफोन को manufactore करने के लिए component उपलब्ध नहीं होते या उनके दाम बोहोत ज्यादा होते है जिस कारण भारत को raw material आयात करना पड़ जाता हैं,

4. किसी भी प्रोडक्ट को बनाने में करोड़ो का खर्च आता है,लेकिन चाइना किसी भी चीज़ की आविष्कार करने में नहीं कॉपी बनाने में विश्वास रखता हैं,

5. भारत का literacy rate 72.1% है और चाइना का literacy rate 96.4% है अब ऐसे में भारत में qualified लेबर कम देखने को मिलते है और महँगे भी होते है,  जबकि चाइना का literacy रेट ज्यादा होने की वजह से वहाँ के लेबर थोड़े सस्ते मिल जाते है।

boycott chinese products:

आज के समय में भारत के लगभग सभी लोग Boycott Chinese products करने की माँग कर रहे है,लेकिन ये कितना सफल हो पायेगा, World Trade Qrganization (WTO ) के नियम अनुसार कोई भी देश किसी और अन्य  देश से व्यापर आयात को बंद नहीं कर सकता चाहे उनके बिच में सैन्य संघर्ष(military conflict) ही क्यों न चल रहा हो,अगर भारत सरकार chinese products boycott करना शुरू भी कर दे तो भारत को $86  बिलियन का नुकसान उठाना पड़ेग, chinese product को बेन करना सही उपाय नहीं होगा भारत के लिए chinese प्रोडक्ट्स को  replace करना होगा made in germany, made in japan,made in south korea के प्रोडक्ट से, इन देशो के साथ भारत का संबन्ध भी अच्छा है।


chinese ऐप्प्स:

chinese स्मार्टफोन का भारत में $8 बिलियन का मार्केट है अगर हम electronic और सोशल सॉफ्टवेयर का बॉयकॉट करते है तो चाइना को 60% का नुकसान होगा, लेकिन उससे कही ज्यादा हम भारतीयों को नुकसान देखने को मिल सकता है।


टॉप 25 chinese ऐप्प्स- 

  • Helo 
  • Xender
  • Cam scanner
  • Liveme
  • Battle of empires
  • Shareit
  • Like
  • Tiktok
  • Kwai
  • Mafia city
  • Vmate
  • Club factory
  • Romwe
  • Game of sultans
  • Applock
  • Uc browser
  • Uc miini
  • Beautyplus
  • Cam scanner 
  • Mobile legends
  • Clash of kings
  • PUBG
  • Shein
  • Vigo video
  • Bigo live
इन सारे ऐप्प्स को हम भारतीय बॉयकॉट करना शुरू कर सकते है क्यूँकि हम भारतीय के पास इन ऐप्प्स का alternative विकल्प मौजूद है इन ऐप्प्स को  बॉयकॉट करने का एक और कारण ये भी है की हमें इन सारे apps में privacy issues ( गोपनीयता समस्या ) देखने को मिल जाता है।


चीन का भारत में योगदान:

chinese सॉफ्टवेयर को बायकाट करने  में भी भारत का बहोत नुकसान होगा क्योकि इसे हम business की उद्देश्य से देखे तो tiktok एप्पस की parent कंपनी Bytedance भारत में invest करने वाली है,अगर हम इसे  बॉयकॉट करते है तो काफी बड़ी apportunity को खो सकते है, 

और PUBG के मूल कंपनी tencent ने  भी हमारे भारतीय कंपनी BYJU'S, Zomato, Ola cabs, Flipkart जैसी कंपनी में अपना निवेश किया है इस COVID-19 के समय में काफी सारे कंपनी के start-up बंद हो रहे है उनमे से एक हमारी भारतीय कंपनी BigBasket भी शामिल है जो काफी संघर्ष कर रहा था इस संघर्ष के समय चाइना की कंपनी Alibaba ने BigBasket में $50 million का निवेश किया है।

भारत make in India योजना:

भारत के make in india योजना के तहत बहुत सी चाइना कंपनी भारत आकर अपना factory और plant खोल चुकी है जहा oppo, vivo, xiaomi जैसी कंपनी यहाँ अपने स्मार्टफोन्स बनाती,  और बहुत से component चाइना से आयात किये जाते  है फिर उन्हें assemble करके भारत और बंगलादेश जैसे कई देशो में बेचे जाते है इन कंपनीयो में बहोत सारे भारतीय लोगो को रोजगार मिला हुआ है, जिनमे  से 95% सिर्फ महिलाये कार्यरत है।


स्मार्टफोन मार्केट में भारत का व्यापार:

भारत में स्मार्टफोन्स 100% बनते नहीं है बल्कि assemble होते है फिर भी भारत दूसरे स्थान पर है इस साल सन 2020 में भी भारत ने 36 मिलियन स्मार्टफोन्स दूसरे देशो में shipp निर्यात किये है, जिससे भारत ने 21000 करोड़ का revenue ganerate किया है अगर हम chinese प्रोडक्ट को बेन करते है तो भारत के बहोत से लोगो का रोजगार छीन जायेगा, हमारे पास स्मार्टफोन मार्केट  में ज्यादा विकल्प देखने को नहीं मिलेगा, अगर मिलेंगे तो बहोत महंगे,

चीनी सामानो को तभी बॉयकॉट कर सकते है जब भारत खुद के सामान बड़ी मात्रा में बनाना शुरू कर दे, आने वाले 5,10 सालो में भारतीय कंपनी इन सभी सामनो को बनाना शायद शुरू कर दे तब भारतीय पूरी तरह से Boycott Chinese products कर सकता है अभी चाइना को पूरी तरह से बेन करना भावनात्मक निर्णय होगा ना की व्यावहारिक निर्णय।


इसी तरह की और जानकारी पाने के लिए हमसे जुड़े रहे,
धन्यवाद।
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